स्कूल फुल फॉर्म इन हिंदी, स्कूल का फुल फॉर्म क्या होता है

आपको पढ़ना-लिखना आ रहा है और आप इस पोस्ट को पढ़ पा रहे हैं तो जाहिर सी बात है कि आप भी कभी ना कभी स्कूल में जरूर गए होंगे लेकिन अब सवाल आता है कि क्या आपको पता है स्कूल का फुल फॉर्म क्या होता है.

मेरा यह मानना है कि ज्यादातर लोगों को स्कूल फुल फॉर्म की जानकारी नहीं होती है यदि आपके पास भी स्कूल फुल फॉर्म की जानकारी नहीं है तो कोई बात नहीं आज की इस पोस्ट में हम इसी टॉपिक पर बात करने वाले हैं.

ज्यादातर लोगों को स्कूल शब्द का मतलब पता नहीं होता है बहुत से लोगों को यही लगता है कि स्कूल यानी कि विद्या का मंदिर जहां पर ज्ञान की प्राप्ति होती है आपने भी कभी स्कूल में यह नहीं पढ़ा होगा कि स्कूल का फुल फॉर्म क्या होता है.

तो चलिए अब आपका हम ज्यादा समय नहीं लेंगे और आपको बताने जा रहे हैं स्कूल का फुल फॉर्म क्या होता है.

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स्कूल का फुल फॉर्म क्या होता है

स्कूल का फुल फॉर्म क्या होता है

School Full Form In English: Sincerity Capacity Honesty Orderliness Obedience Learning

S – Sincerity

C – Capacity

H – Honesty

O – Orderliness

O – Obedience

L – Learning

School Full Form In Hindi: सच्चाई क्षमता ईमानदारी सुव्यवस्था आज्ञाकारिता सीखना

S – Sincerity: सच्चाई

C – Capacity: क्षमता

H – Honesty: ईमानदारी

O – Orderliness: सुव्यवस्था

O – Obedience: आज्ञाकारिता

L – Learning: सीखना

आपको हम सरल भाषा में बताएं तो स्कूल का फुल फॉर्म होता है वो स्थान जहाँ सचाई और ईमानदारी से सुव्यवस्था बनाए रखते हुए कुछ ऐसा सीखना जिससे अपनी क्षमताओ को बढाया जा सके.

और स्कूल में सीखे हुए ज्ञान से जीवन में किसी भी चुनौती का सामना करने की हिम्मत मिलती है और यही नहीं बल्कि स्कूल से सीखे हुए ज्ञान से अपने परिवार और देश का नाम भी रोशन कर सकते हैं.

आज की इस पोस्ट में हम बात कर रहे हैं स्कूल फुल फॉर्म क्या है लेकिन हम यहां पर आपको स्कूल से जुड़ी हुई कुछ रोचक बातें भी बताना चाहते हैं.

स्कूल की शुरुआत कब हुई है

वैसे तो आपको भी पता ही होगा कि प्राचीन काल से छोटे बच्चों को सिखाने की परंपरा रही है लेकिन तब स्कूल नाम का कोई स्थान नहीं था जहां पर छोटे बच्चे जाकर कुछ सीख सके लेकिन तभी के समय में आश्रम जैसे स्थान होते थे जहां पर लोग सीख सकते थे.

दरअसल हम बात कर रहे हैं कि स्कूल सिस्टम की शुरुआत कब हुई है तो आपको हम बता देना चाहते हैं कि विद्यालय प्रणाली की शुरुआत होरेस मैन ने 1837 में की है तब वह शिक्षा सचिव बने थे और पेशेवर शिक्षकों को की एक प्रणाली बनाई थी जो छात्रों को बुनियादी जानकारी प्रदान कर सकें.

हमारे देश भारत में विद्यालय प्रणाली की शुरुआत काफी पहले हो चुकी है और जब से हमारा देश भारत आजाद हुआ है उसके बाद से लगातार भारत में शिक्षित वर्ग की संख्या में काफी इजाफा हो रहा है और आज की तारीख में भारत देश में ज्यादातर वर्ग शिक्षित है.

अब मुझे पूरी उम्मीद है कि आपको इस पोस्ट में स्कूल का फुल फॉर्म क्या होता है इस सवाल का जवाब मिल चुका होगा फिर भी यदि आपके मन में कोई सवाल है इस पोस्ट से संबंधित तो फिर आप कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं.

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