RAM Full Form In Hindi, रैम का फुल फॉर्म क्या होता है

रैम का फुल फॉर्म क्या होता है आपको पता ही होगा कि रैम का इस्तेमाल स्मार्टफोन, कंप्यूटर, लैपटॉप में होता है अब आपको नहीं है पता कि इस शब्द का फुल फॉर्म क्या होता है तो आज की इस पोस्ट में हम बात करने वाले हैं RAM Full Form In Hindi क्या होता है.

रैम अलग-अलग प्रकार की हो सकती हैं जैसे कि स्मार्टफोन में जो रैम होता है वह अलग होता है वही कंप्यूटर सिस्टम में जो रैम होता है वह भी अलग होता है अब आपको नहीं है पता की रैम के कितने प्रकार हैं और रैम क्या है.

तो फिर आप एक सही पोस्ट पर आए हैं आज की इस पोस्ट में आपको रैम संबंधित सारी जानकारियां मिलेगी तो चलिए शुरू करते हैं सबसे पहले बात कर लेते हैं रैम फुल फॉर्म क्या होता है.

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रैम का फुल फॉर्म क्या होता है

RAM Full Form In Hindi

रैम का फुल फॉर्म आपको बेहतर तरीके से समझ में आए इसके लिए हम आपके साथ RAM Full Form In English और RAM Full Form In Hindi दोनों डिटेल के साथ बताने वाले हैं.

RAM Full Form In English: Random Access Memory

R – Random

A – Access

M – Memory

RAM Full Form In Hindi: रैंडम एक्सेस मेमोरी

R – Random (रैंडम)

A – Access (एक्सेस)

M – Memory (मेमोरी)

रैम का पूरा नाम हिंदी में क्या होता है

जैसा कि आपको हमने बताया कि रैम का फुल फॉर्म होता है रैंडम एक्सेस मेमोरी जो इसका हिंदी में भी पूरा नाम होता है आपको हम यह भी बता दें कि रैंडम एक्सेस मेमोरी को डायरेक्ट एक्सेस मेमोरी भी बोला जाता है.

रैम क्या है

आप यह पोस्ट पढ़ रहे हैं तो आपके मन में यह सवाल जरूर होगा कि रैम क्या होता है तो चलिए हम आपको इस सवाल का जवाब पूरी डिटेल के साथ दे देते हैं.

कंप्यूटर सिस्टम और मोबाइल में रैम अलग-अलग प्रकार की होती है यदि हम बात करें मोबाइल रैम की तो मोबाइल में रैम कंप्यूटर की तुलना में अलग कार्य करती है.

जब भी आप किसी स्मार्टफोन में कोई एप्लीकेशन को ओपन करते हैं तो एप्लीकेशन सबसे पहले रैम में लोड होता है उसके बाद ओपन होता है इससे आप यह समझ गए होंगे कि मोबाइल में रैम का कार्य होता है.

कि जो भी आप मोबाइल में एप्लीकेशन यूज कर रहे हैं वह मोबाइल रैम में ही यूज होता है जिस मोबाइल में कम रैम होता है उसमें आपने देखा होगा कि बड़ी साइज का एप्लीकेशन ओपन होने में बहुत ही दिक्कत होती है.

इसकी बड़ी वजह होती है कि उस एप्लीकेशन को लोड करने के लिए आपके मोबाइल में इतना रैम का साइज़ नहीं है तो फिर वह एप्लीकेशन मोबाइल में ओपन कैसे हो सकता है यदि ओपन भी हो जाए तो आपका मोबाइल हैंग हो जाएगा.

कहने का मतलब यह है कि स्मार्टफोन में रैम का कार्य यही होता है कि रैम की साइज के हिसाब से आप उसमें एप्लीकेशन को डाउनलोड करके यूज कर सकते हैं.

अब हम बात कर लेते हैं कंप्यूटर सिस्टम रैम की इसमें रैम का कार्य मोबाइल की तुलना में थोड़ा अलग होता है हालांकि मोबाइल और कंप्यूटर सिस्टम में एक समानता RAM के हिसाब से यह होती है.

मोबाइल और कंप्यूटर सिस्टम में एक समानता RAM के हिसाब से

की बड़े साइज का एप्लीकेशन यदि आप कंप्यूटर में ओपन करते हैं लेकिन उस एप्लीकेशन को ओपन करने की क्षमता रैम में नहीं है तो फिर आपका कंप्यूटर हैंग हो सकता है इसी तरह मोबाइल में भी बड़े साइज का एप्लीकेशन ओपन करने पर यदि रैम का साइज बड़ा नहीं है तो फिर मोबाइल भी हैंग हो सकता है.

कहने का मतलब यह है कि RAM  जितनी ज्यादा बड़ी होगी उतना ही जल्दी आपके कंप्यूटर में प्रोग्राम चल सकेगा यदि रैम कम होगा तो फिर कंप्यूटर डिवाइस काफी स्लो चल सकता है.

रैम के कितने प्रकार हैं

आपने यह तो जान ही लिया है कि रैम मोबाइल और कंप्यूटर के लिए क्यों जरूरी है अब हम बात कर लेते हैं रैम के कितने प्रकार हैं.

RAM के दो प्रकार हैं जिनके नाम आपको नीचे दिए गए हैं.

  1. Static RAM
  2. Dynamic RAM

Static RAM क्या है

इस तरह की रैम में डाटा तब तक रहता है जब तक उसमें बिजली आती रहती है कहने का मतलब यह है कि कंप्यूटर में रैम डेटा तब तक रहता है जब तक उसमें बिजली आती है यानी कि PC जब तक चालू रहता है तब तक RAM में डाटा रहता है.

अचानक बिजली चली जाने पर PC में डाटा मिट जाता है इस तरह की रैम को हम SRAM भी बुला सकते हैं जो Cache मेमोरी के हिसाब से इस्तेमाल होती है आपको पता ही होगा कि Cache मेमोरी सबसे तेज मेमोरी है.

आपको हम यह भी बता दें कि Cache मेमोरी दूसरी मेमोरी की तुलना में थोड़ी सी महंगी पड़ती है और इस तरह की RAM के लिए ज्यादा पावर भी चाहिए तभी यह अच्छे से वर्क करती है.

Dynamic RAM क्या है

Dynamic RAM हम DRAM भी बुला सकते हैं जो SRAM की तुलना में काफी विपरीत है और इसको बार-बार रिफ्रेश करने की जरूरत नहीं है अगर डाटा को बरकरार रखना है तो यह केवल तभी संभव हो सकता है जब मेमोरी को सर्किट रिफ्रेश के साथ जोड़ा जाए

वैसे तो SRAM को सिस्टम मेमोरी बनाने में इस्तेमाल होता है यह DRAM एक Capacitor और एक Transistor से बना है आपको हम यह भी बता दें कि इस तरह की मेमोरी बहुत ही कम दिनों तक चलती है और इसे बार-बार रिफ्रेश करने की जरूरत नहीं होती है.

स्मार्टफोन रैम और कंप्यूटर रैम में क्या अंतर है

कंप्यूटर रैम और स्मार्टफोन रैम में काफी अंतर है जैसे कि मोबाइल प्रोसेसर में LPDDR इस्तेमाल होता है वही कंप्यूटर में PCDDR का इस्तेमाल होता है.

आपने इन शब्दों को पहली बार सुना है तो चलिए हम इन शब्दों का आपको फुल फॉर्म बता देते हैं ताकि आपको इनका मतलब भी समझ में आए.

LPDDR Full Form: Low Power Double Data Rate

आपको हम बता दें यह दोनों ही RAM पावर की तुलना में काफी अलग हैं मोबाइल RAM को ज्यादा पावर सेव करने के लिए डिजाइन किया गया है तो वहीं कंप्यूटर रैम को प्रोसेसर को बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है.

रैम फुल फॉर्म निष्कर्ष

रैम का फुल फॉर्म क्या होता है इस सवाल का जवाब आपको मिल चुका होगा इसके साथ ही RAM क्या होता है इसके बारे में भी आपको जानकारी मिली होगी.

आज की इस पोस्ट का मुख्य तौर पर टॉपिक था RAM Full Form In Hindi क्या होता है जिसके बारे में हमने डिटेल के साथ आपको बताने का पूरा प्रयास किया है.

अब आखिर में मेरी आपसे एक रिक्वेस्ट है आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई हो तो जरूर इसे अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करें

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