FIR Full Form In Hindi, एफ आई आर का फुल फॉर्म क्या होता है

एफ आई आर का फुल फॉर्म क्या होता है आपको पता ही होगा कि FIR शब्द का इस्तेमाल कहां पर किया जाता है यदि आपको FIR शब्द के बारे में कोई जानकारी नहीं है और आपको नहीं है पता इस शब्द का फुल फॉर्म क्या होता है तो फिर आज की इस पोस्ट में हम बात करने वाले हैं FIR Full Form In Hindi क्या होता है.

आप पर यदि किसी ने FIR की होगी या फिर आपने किसी पर FIR की होगी तो आपको एफ आई आर क्या होता है इसके बारे में जानकारी होगी लेकिन आपको कभी एफ आई आर किसी पर करने की जरूरत नहीं पड़ी है और ना ही किसी ने आप पर एफ आई आर की है.

ऐसे में जाहिर सी बात है कि आपको एफ आई आर के बारे में जानकारी नहीं होगी और आप जानना चाहते हैं कि FIR क्या होता है कब एफ आई आर दर्ज होती है और भी बहुत से सवाल होंगे आपके मन में FIR शब्द से रिलेटेड तो इन सारे सवालों के जवाब आज की इस पोस्ट में हम आपको देने वाले हैं.

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एफ आई आर का फुल फॉर्म क्या होता है

FIR Full Form In Hindi

आपको एफ आई आर का फुल फॉर्म अच्छे से समझ में आए इसके लिए हम आपके साथ FIR Full Form In English और FIR Full Form In Hindi दोनों डिटेल के साथ बताने वाले हैं.

FIR Full Form In English: First Investigation Report

F – First

I – Investigation

R – Report

FIR Full Form In Hindi: फर्स्ट इंवेस्टीगेशं रिपोर्ट

F – First (फर्स्ट)

I – Investigation (इंवेस्टीगेशं)

R – Report (रिपोर्ट)

एफ आई आर का पूरा नाम हिंदी में क्या है

वैसे तो FIR शार्ट शब्द का इस्तेमाल ही ज्यादातर होता है बहुत ही कम लोग होंगे जिन्हें एफ आई आर का हिंदी नाम पता होगा आप भी जानना चाहते हैं कि इस शब्द का पूरा नाम हिंदी में क्या होता है तो चलिए हम आपको इसके बारे में बता देते हैं.

एफ आई आर का हिंदी में पूरा नाम होता है पहली जांच रिपोर्ट इसे हम हिंदी में प्रथम सूचना विवरण भी कह सकते हैं वैसे तो FIR का शार्ट नाम ही ज्यादातर लोग इस्तेमाल करते हैं.

एफ आई आर क्या है

भारत देश में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 154 से जब कोई व्यक्ति गैरकानूनी गतिविधियां करता है तो ऐसे व्यक्ति पर संविधान की धारा के मुताबिक FIR पुलिस स्टेशन में दर्ज होती है.

एफ आई आर आप तौर पर पुलिस थानों में लिखा गया एक डॉक्यूमेंट होता है जिसे कोई भी व्यक्ति क्राइम होने पर पुलिस स्टेशन में जाकर लिखवा सकता है कुछ मामलों में पुलिस अधिकारी भी स्वयं ही FIR किसी के विरुद्ध कर सकते हैं.

यदि कानून व्यवस्था के मामले में कोई व्यक्ति लापरवाही बरतता है तो ऐसे व्यक्ति के खिलाफ पुलिस अधिकारी संविधान की धाराओं के मुताबिक एफ आई आर लिख सकते हैं और उस एफ आई आर के मुताबिक उस पर कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं.

आपको हम सरल भाषा में बताने का प्रयास करें तो कोई आम नागरिक जब उसके साथ कोई अपराध होता है तो वह पुलिस स्टेशन में जाकर FIR किसी अन्य व्यक्ति या समूह के खिलाफ लिखवा सकता है.

कुछ मामलों में पुलिस अधिकारी भी संविधान के मुताबिक किसी व्यक्ति या समूह के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करके उस पर कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं इसके लिए संविधान में काफी धाराएं मौजूद हैं जिनके मुताबिक पुलिस अधिकारी एफ आई आर दर्ज करके जांच कर सकते हैं.

आप यह समझ सकते हैं कि भारतीय पुलिस के पास यह अधिकार होते हैं कि वह कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यदि कहीं पर अपराध होता है तो वह स्वयं ही एफ आई आर दर्ज करके उस पर कानूनी कार्रवाई कर सकती है.

FIR कब दर्ज की जाती है

यह सवाल काफी महत्वपूर्ण हो सकता है कि आखिरकार एफ आई आर कब दर्ज होती है तो इसके जवाब में हम कहना चाहेंगे कि जब किसी आम नागरिक पर कोई अपराध होता है जैसे कि उसके घर पर चोरी, खून, बलात्कार अन्य कोई अपराध हुआ हो तो वह व्यक्ति स्वयं पुलिस स्टेशन में जाकर एफ आई आर दर्ज करवा सकता है.

इसके अलावा पुलिस ऑफिसर के पास यह अधिकार होता है कि अपने क्षेत्र में कोई अपराध हुआ हो और उसे पता चला हो तो वह स्वयं एफ आई आर दर्ज करके उसकी निष्पक्ष जांच कर सकता है काफी मामलों में पुलिस अधिकारी स्वयं ही एफ आई आर दर्ज करते हैं.

एफ आई आर दर्ज होने के बाद पुलिस ऑफिसर का क्या कार्य होता है

जब कोई आम नागरिक किसी के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करवाता है तो पुलिस स्टेशन में उस आम नागरिक को एफ आई आर की पूरी कॉपी पढ़कर सुनाई जाती है उसके बाद उस व्यक्ति के हस्ताक्षर होते हैं और पुलिस स्टेशन के थानेदार के भी हस्ताक्षर होते हैं.

एफ आई आर दर्ज होने के बाद पुलिस अधिकारियों की यह जिम्मेदारी हो जाती है कि वह FIR के मुताबिक कानूनी रूप से कार्रवाई करें और निष्पक्ष तरीके से जांच हो.

आपको हम यह भी बता दें कि जब FIR पुलिस थाने में दर्ज होती है तो उस FIR का एक नंबर होता है जो पुलिस अपने रजिस्टर में दर्ज करके उस पर उचित कार्रवाई करना आरंभ करती है.

FIR कौन दर्ज करता है

भारत देश में प्रत्येक नागरिक को यह अधिकार मिला हुआ है संविधान के मुताबिक कि वह अपने खिलाफ हुई वारदात के संबंध में पुलिस थाना में एफ आई आर दर्ज करके न्याय के लिए कानून की मदद ले.

संविधान के मुताबिक देश में आम नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की होती है जैसा कि हमने आपको बताया कि किसी व्यक्ति के साथ कोई वारदात हुई है तो वह पुलिस थाने में जाकर एफ आई आर दर्ज करवा सकता है.

अब हमारा यह सवाल है कि एफ आई आर दर्ज कौन करता है तो इसके जवाब में हम कहना चाहेंगे कि FIR पुलिस थाने में पुलिस ऑफिसर दर्ज करता है.

एफ आई आर फुल फॉर्म निष्कर्ष

एफ आई आर का फुल फॉर्म क्या होता है इस सवाल का जवाब आपको इस पोस्ट में मिला होगा इसके साथ ही FIR क्या होती है इसके बारे में भी आपको जानकारी मिली होगी.

आज की इस पोस्ट का मुख्य तौर पर टॉपिक था FIR Full Form In Hindi क्या होता है जिसके बारे में हमने पूरी डिटेल के साथ आपको बताने का पूरा प्रयास किया है

अब आखिर में आप से एक रिक्वेस्ट करना चाहूंगा आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई हो तो जरूर इसे अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करें

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